जहानाबाद, बिहार |रिपोर्ट : राजीव कुमार|8 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज जहानाबाद में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, जहानाबाद डॉ. प्रीति ने की। बैठक में योजना के जिला स्तर पर अनुश्रवण, कार्यान्वयन एवं मॉडल सोलर गाँव के चयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निदेशक डीआरडीए श्री रोहित कुमार मिश्रा, जिला विकास पदाधिकारी श्रीमती स्मृति, विद्युत अधीक्षक अभियंता (विद्युत आपूर्ति अंचल, गया) श्री संदीप प्रकाश सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला स्तरीय समिति के सदस्यों एवं अतिथियों का पौधा देकर स्वागत किया गया।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य सोलर रूफटॉप को बढ़ावा देकर नागरिकों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा के माध्यम से सशक्त बनाना है। इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूर्ण किया जाना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में एक मॉडल सोलर गाँव का चयन किया जाएगा। इसके लिए जिले के 10 राजस्व गाँवों को प्रतियोगी के रूप में चयनित किया गया है। चयन के प्रमुख मानदंडों में 5000 से अधिक जनसंख्या, सोलर ऊर्जा से संबंधित अन्य योजनाओं का संचालन, रूफटॉप सोलर की उपयुक्तता, ग्रामीणों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता एवं ग्राम पंचायत की सहमति शामिल है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सामुदायिक सोलर ऊर्जा संयंत्र, स्वयं सहायता समूहों हेतु सौर चालित आजीविका यंत्र, सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर कृषि सिंचाई संयंत्र एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों को शामिल किया गया है। योजना का क्रियान्वयन ब्रेडा अथवा राज्य सरकार द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 12 जनवरी 2026 से 12 जुलाई 2026 तक छह माह की अवधि में चयनित 10 गाँवों में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार किया जाएगा। संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पंचायत सचिव के नेतृत्व में प्रत्येक गाँव में विलेज टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान में पंचायतें, सहकारी समितियाँ, स्वयं सहायता समूह एवं अन्य संगठन सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
छह माह की प्रतियोगिता अवधि के उपरांत जिस गाँव में कुल स्थापित डिस्ट्रीब्यूटेड सोलर क्षमता सर्वाधिक होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा। चयनित मॉडल सोलर गाँव को केंद्र सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास सुनिश्चित करें।


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